
स्वामी जी के एक शिष्य थे सीधी जिले में जिनके परिवार में नया सदस्य आने वाला था। उनकी भाई के संतान होने वाला था लेकिन जब सोनोग्राफी हुई तो पता चला की बच्चे के दिमाग में शंट फेल होने के कारण 70% पानी भरा था। सीधी के डॉक्टर की सलाह पर वो अपोलो गए वहा भी डॉक्टर्स ने माना कर दिया उनका कहना था की ये बच्चा या तो मरा हुआ पैदा होगा या फिर अपंग होगा। पूरा परिवार सदमे में चला गया की अब क्या करे । उन्होंने स्वामी जी से चर्चा की तो स्वामी जी ने कहा कुछ नहीं होगा, ईश्वर की इच्छा मान कर बच्चे को संसार में आने दो वो पूर्णतः स्वस्थ हो नही परिवार में सबसे बुद्धिमान होगा। अपोलो के डॉक्टर्स ने इसका विरोध किया तो उन्होंने अपने तर्क से उन्हे शांत कर दिया। परिवार स्वामी जी को बहुत मानते थे तो उन्होंने अंत में उन्ही के निर्णय को माना और प्रतीक्षा की बच्चे के संसार में आने की। जब वह बच्चा पैदा हुआ तो सब देख के हैरान थे की ये चमत्कार कैसे हुआ। बच्चा पूर्णतः स्वस्थ और कुशाग्र बुद्धि वाला था। सबने मन ही मन स्वामी जी का स्मरण किया और उनका धन्यवाद किया को उन्होंने मेडिकल साइंस के विरुद्ध जाकर उन्हें आत्मविश्वास दिलाया जिसके कारण आज उनके आंगन में रौनक है।